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सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपाय – Home Remedies For Schizophrenia in Hindi
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• मानसिक रोग है और इसके उपचार के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से सही दवा व थेरेपी लेना जरूरी है। नीचे बताठगठकà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े इलाज के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद कर सकते हैं। ये उपाय सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ को कम करने में à¤à¥€ लाà¤à¤•ारी साबित हो सकते हैं। नीचे जानिठसिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपाय।
1. हरी इलाइची
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š इलाइची पाउडर
à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी
शहद
विधि :
à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š इलाइची पाउडर मिला लें।
अचà¥à¤›à¥€ तरह मिलाने के बाद इस घोल को 10 मिनट के लिठछोड़ दें।
10 मिनट बाद इस घोल को छान लें और पानी अलग कर लें।
आखिरी में इस पानी में शहद मिला लें और गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ सेवन करें।
इस घोल का सेवन दिन में दो बार कर सकते हैं।
कैसे काम करता है :
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपाय में आप हरी इलाइची का उपयोग कर सकते हैं। यह केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मदद करती है और सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ को कम कर सकती है (8)।
2. विटामिन
विटामिन बी6 (चिकन, अंडे, मछली व सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š à¤à¤°à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚)
विटामिन बी12 (मीट व डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦)
विटामिन ठ(डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ व हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚)
विटामिन सी (साइटà¥à¤°à¤¸ फल, आलू व पालक)
विटामिन ई (वेजिटेबल ऑइल व अंडे)
विटामिन डी (मछली, अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ व दूध)
विटामिन सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸
कैसे काम करता है :
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में कई विटामिन की कमी हो जाती है। इनमें से कà¥à¤› विटामिन जैसे विटामिन डी की कमी सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण में शामिल में हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विटामिन से समृदà¥à¤§ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ या सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेने से सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ में कमी आ सकती है (9)। लेख के आने वाले à¤à¤¾à¤—ों में आप जानेंगे कि किन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से इन विटामिन की कमी पूरी हो सकती है।
3. तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सामगà¥à¤°à¥€:
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सेज हरà¥à¤¬
पानी
विधि :
à¤à¤• कप पानी में चार से पांच तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और आधा चमà¥à¤®à¤š सेज हरà¥à¤¬ डाल कर उबाल लें।
कà¥à¤› मिनट उबालने के बाद पानी को छान लें।
जब पानी हलà¥à¤•ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ हो जाà¤, तो इसका सेवन करें।
आ जलà¥à¤¦ परिणाम के लिठइसका सेवन दिन में दो बार कर सकते हैं।
कैसे काम करता है :
तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ होते हैं, जो सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को ठीक से काम करने में मदद करती हैं, जिससे सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ से आराम मिल सकता है (8)। इसके अलावा, इसमें à¤à¤‚टी-सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ गà¥à¤£ होते हैं, जो सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होने वाले तनाव को कम करने में à¤à¥€ मदद करते हैं (10)।
4. जिनसेंग
सामगà¥à¤°à¥€ :
सूखा जिनसेंग पाउडर
पानी
विधि :
à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š जिनसेंग पाउडर डालकर उबाल लें।
लगà¤à¤— 10 मिनट उबलने के बाद पानी को छान कर अलग कर लें।
फिर पानी के गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ होने पर सेवन करें।
इस घोल का सेवन लगà¤à¤— छह महीने तक दिन में à¤à¤• बार किया जा सकता है।
कैसे काम करता है :
जिनसेंग के फायदे सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ से आराम पाने में मदद कर सकते हैं। यह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट है, जो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को कम करने में मदद कर सकता है। ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ दिमाग की कोशिकाओं को नषà¥à¤Ÿ करता है, जिससे दिमाग से जà¥à¥œà¥€ बीमारियों का खतरा बॠजाता है (11)।ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ कम होने से सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज करने में मदद मिल सकती है। साथ ही जिनसेंग में नà¥à¤¯à¥‚रो पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ गà¥à¤£ होते हैं, जो दिमाग में नà¥à¤¯à¥‚रोनà¥à¤¸ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने में मदद करते हैं (8) (12)।
5. ओमेगा-3 (फिश ऑयल)
सामगà¥à¤°à¥€ :
ओमेगा 3 सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸
विधि :
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ कर ओमेगा-3 सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का सेवन करें।
ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे मछली, सोया, अखरोट, अंडे व दही आदि का सेवन à¤à¥€ किया जा सकता है (13)।
कैसे काम करता है :
शोध में पाया गया है कि ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ को रोकने में मदद कर सकता है। खासकर, कॉगà¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤µ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को रोकने में यह मददगार साबित हो सकता है। यह पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाने में मदद कर सकता है, लेकिन इस पर अà¤à¥€ और शोध होना बाकी है (14)।
6. बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€
सामगà¥à¤°à¥€ :
बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट
विधि :
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ कर बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का सेवन करें।
कैसे काम करता है :
सदियों से बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ का उपयोग आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में किया जा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज करने के लिठबà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ को à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ दवा के रूप में उपयोग किया जाता है। बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¥€ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट का सेवन सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पॉजिटिव लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होता है, जो मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है (14)।
7. अशà¥à¤µà¤—ंधा
सामगà¥à¤°à¥€:
अशà¥à¤µà¤—ंधा सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸
विधि :
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ कर अशà¥à¤µà¤—ंधा सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का सेवन करें।
कैसे काम करता है :
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठअशà¥à¤µà¤—ंधा का उपयोग करना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अरà¥à¤• के à¤à¤‚टी इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने वाले गà¥à¤£ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£, खासकर नेगेटिव लकà¥à¤·à¤£ और तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसलिà¤, यह कहा जा सकता है कि अशà¥à¤µà¤—ंधा सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज करने में मदद कर सकता है (15)।
8. कैमोमाइल
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š सूखी कैमोमाइल
à¤à¤• कप पानी
विधि :
à¤à¤• कप पानी में à¤à¤• छोटा चमà¥à¤®à¤š कैमोमाइल डालकर अचà¥à¤›à¥€ तरह से उबाल लें।
अचà¥à¤›à¥€ तरह से उबाल जाने के बाद पानी (कैमोमाइल टी) को छान लें।
फिर गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ कैमोमाइल टी का सेवन करें।
दिन में दो बार इस चाय का सेवन करें
कैसे काम करता है :
शरीर में पोटैशियम की कमी को हाइपोकैलीमिया कहा जाता है। यह à¤à¥€ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का à¤à¤• कारण हो सकती है, जिसे सायकोसिस कहा जाता है (16)। इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कैमोमाइल टी का सेवन करने से फायदे मिल सकते हैं। इसमें पोटैशियम की à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ पाई जाती है, जो पोटैशियम की कमी को पूरा कर सकती है (17)
9. आंवला
सामगà¥à¤°à¥€ :
आंवला पाउडर
à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी
विधि :
आंवले को सà¥à¤–ाकर, उसे बारीक पीस कर पाउडर बना लें।
रोज à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š आंवला पाउडर का à¤à¤• गिलास गरà¥à¤® पानी के साथ सेवन करें।
मरीज चाहे तो साबूत आंवला के फल का सेवन à¤à¥€ कर सकता है।
कैसे काम करता है :
आंवले को à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट माना जाता है, जो ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ को कम करने में कारगर साबित हो सकता है (18)। जैसा कि हम लेख में पहले à¤à¥€ बता चà¥à¤•े हैं कि à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ को कम करने में मदद करता है (12)। साथ ही आंवला रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है, जिससे सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से लड़ने में मदद मिलती है (8)।
10. लिकोरिस (मà¥à¤²à¥‡à¤ ी) पाउडर
सामगà¥à¤°à¥€ :
दो चमà¥à¤®à¤š मà¥à¤²à¥‡à¤ ी पाउडर
दो कप पानी
विधि :
दो कप पानी में दो चमà¥à¤®à¤š मà¥à¤²à¥‡à¤ ी पाउडर को अचà¥à¤›à¥€ तरह से मिला लें।
इस घोल को à¤à¤• पैन में डाल कर, तब तक उबालें जब तक कि इसकी मातà¥à¤°à¤¾ आधी न रह जाà¤à¥¤
आधा हो जाने के बाद, इसे छान लें।
फिर इसे ठंडा करके पिà¤à¤‚।
इस घोल का सेवन रोज सà¥à¤¬à¤¹ नाशà¥à¤¤à¥‡ से à¤à¤• घंटा पहले कर सकते हैं।
कैसे काम करता है :
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के बचाव के लिठमà¥à¤²à¥‡à¤ ी का सेवन किया जा सकता है। यह दिमाग में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की आपूरà¥à¤¤à¤¿ को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है, ताकि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• ठीक से काम कर सके। इसके अलावा, यह दिमाग में नà¥à¤¯à¥‚रोटà¥à¤°à¤¾à¤‚समीटर (दिमाग से सिगà¥à¤¨à¤² ले जाने वाले केमिकल) और सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण कम होने वाली याददाशà¥à¤¤ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में à¤à¥€ मदद करता है। खासकर, यह सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कॉगà¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤µ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (19)।
11. गाजर
सामगà¥à¤°à¥€ :
दो से तीन गाजर
आधा कप पानी
विधि :
गाजर के छोटे-छोटे टà¥à¤•ड़े करके बà¥à¤²à¥‡à¤‚डर में डाल लें।
अब इसमें लगà¤à¤— आधा कप पानी मिलाकर अचà¥à¤›à¥€ तरह से पीस लें।
अचà¥à¤›à¥€ तरह पिस जाने के बाद, इस जूस को छानकर गिलास में डाल लें।
आप दिन में दो बार इस जूस का सेवन करें।
आप गाजर को सलाद की तरह à¤à¥€ खा सकते हैं।
कैसे काम करता है :
गाजर का उपयोग सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का उपचार करने के लिठकिया जा सकता है। गाजर में नियासिन (विटामिन बी3) पाया जाता है (20)। शोध में पाया गया है कि नियासिन की कमी à¤à¥€ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ में शामिल है। साथ ही नà¥à¤¯à¥‚रोनà¥à¤¸ की कमी और हैलà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ में à¤à¥€ वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है। इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नियासिन से समृदà¥à¤§ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे गाजर का सेवन करने से सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ जैसे हैलà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ और à¤à¥à¤°à¤® (psychotic features) को कम करने में मदद मिल सकती है (21)।
12. जिनà¥à¤•गो बिलोबा
सामगà¥à¤°à¥€ :
जिनà¥à¤•गो बिलोबा सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸
विधि :
डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ कर जिनà¥à¤•गो बिलोबा सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ का सेवन करें।
कैसे काम करता है :
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण में फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ या ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ शामिल। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट जैसे जिनà¥à¤•गो बिलोबा इस कारण को कम करने में मदद कर सकता है। यह सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पॉजिटिव लकà¥à¤·à¤£ को कम करने में मदद करता है और à¤à¤‚टी-सायकोटिक दवाइयों (मनोविकार के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤•ारी दवा) के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करता है (22)।
13. पालक
सामगà¥à¤°à¥€ :
पालक की सबà¥à¤œà¥€
विधि :
आप घर में पालक की सबà¥à¤œà¥€ बना सकते हैं।
पालक को सलाद के साथ मिला कर à¤à¥€ खाया जा सकता है।
कैसे काम करता है :
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अकà¥à¤¸à¤° फोलेट (विटामिन बी9) की कमी हो जाती है, खासकर पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ फोलेट का सà¥à¤¤à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कम हो जाता है। फोलेट की यह कमी उनके लिठसिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से जलà¥à¤¦ उबरने में बाधा बन सकती है (23)। à¤à¤¸à¥‡ में पालक का सेवन सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का उपचार होने की दर बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मददगार हो सकता है। पालक में à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फोलेट पाया जाता है, जिससे उसकी कमी को पूरा किया जा सकता है (24)।
14. कावा कावा
सामगà¥à¤°à¥€ :
à¤à¤• बड़ा चमà¥à¤®à¤š कावा कावा पाउडर
à¤à¤• गिलास पानी
विधि :
à¤à¤• गिलास पानी में कावा पाउडर अचà¥à¤›à¥€ तरह से मिला लें।
पाउडर को लगà¤à¤— 10 मिनट तक पानी में अचà¥à¤›à¥€ तरह मिलाà¤à¤‚।
पूरी तरह मिल जाने के बाद पानी को छान लें और उसका सेवन करें।
इसका सेवन दिन में à¤à¤• बार किया जा सकता है।
कैसे काम करता है :
कावा के गà¥à¤£ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पॉजिटिव और नेगेटिव लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही यह सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सायकोटिक लकà¥à¤·à¤£ जैसे हैलà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ और à¤à¥à¤°à¤® को कम करने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। फिलहाल, यह कहना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होगा कि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ कम करने में कावा कावा के कौन-से गà¥à¤£ काम करते हैं (25)।
नोट : सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपाय कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ हैं, यह तो आप जान ही चà¥à¤•े हैं। साथ ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि ये सà¤à¥€ उपाय सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ को कम करने में सिरà¥à¤« मदद कर सकते हैं। साथ ही, ये मरीज के ठीक होने की गति को à¤à¥€ बà¥à¤¾ सकते हैं, लेकिन सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ तौर पर यह कहना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि ये सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का उपचार करने में कितने लाà¤à¤•ारी हैं।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपाय जानने के बाद, लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठकि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के जोखिम कारक – Risk Factors of Schizophrenia in Hindi
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण के अलावा कà¥à¤› और जोखिम कारक à¤à¥€ हैं, जो सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ होने के खतरे को बà¥à¤¾ सकते हैं, जैसे (7) :
शराब और दूसरे नशों का सेवन
कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के वायरस से संपरà¥à¤•
जनà¥à¤® के समय कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£
जनà¥à¤® दोष
मनोसामाजिक कारक
लेख के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपाय बताने के बाद, आइठअब आपको बता दें कि दवा और थेरेपी से सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज कैसे किया जा सकता है।
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज – Treatment of Schizophrenia in Hindi
लेख के इस à¤à¤¾à¤— की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करने से पहले हम आपको à¤à¤• बार फिर बता दें कि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज अà¤à¥€ तक उपलबà¥à¤§ नहीं है। नीचे बताई जाने वाली दवाइयां और थेरेपी सिरà¥à¤« सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ को कम कर सकती हैं (7)।
à¤à¤‚टीसायकोटिक टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट : à¤à¤‚टीसायकोटिक का मतलब होता है सायकोटिक लकà¥à¤·à¤£ जैसे हैलà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ और à¤à¥à¤°à¤® को कम करने वाली दवाइयां (26)। इस टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट को टेबलेट या सिरप के रूप में दिया जाता है। कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤‚टीसायकोटिक दवाइयों के इंजेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ लगते हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में इस टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकते हैं, लेकिन वो कà¥à¤› दिनों में ठीक हो जाते हैं।
साइकोसोशल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट : यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की थेरेपी होती है, जिसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ मरीज के लिठसही दवा मिल जाने के बाद की जाती है। यहां हम बता दें कि सà¤à¥€ मरीजों के लिठसà¤à¥€ दवाइयां काम नहीं करती हैं। इसलिà¤, डॉकà¥à¤Ÿà¤° पहले चेक करते हैं कि मरीज को कौन-सी दवा फायदा करेगी। साइकोसोशल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज को रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम जैसे ऑफिस जाना व पà¥à¤¾à¤ˆ करना आदि में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने में मदद करते हैं।
कॉरà¥à¤¡à¤¿à¤¨à¥‡à¤Ÿ सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤¯à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ केयर (Coordinated Specialty Care) : इस टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट में दवाइयां, थेरेपी, परिवार की मदद लेना, पà¥à¤¾à¤ˆ और काम में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने की थेरेपी आदि सब शामिल होता है। इसमें सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने और रोजमरà¥à¤°à¤¾ के कम करने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने पर जोर दिया जाता है।
आइà¤, अब आपको बताते हैं कि जब सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज चल रहा हो, तब कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤à¥¤
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ– What to eat during Schizophrenia in Hindi
जैसा कि हम लेख में पहले बता चà¥à¤•े हैं कि कà¥à¤› पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का इलाज होने की दर में कमी ला सकती हैं (9)। à¤à¤¸à¥‡ में उन सà¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन किया जा सकता है, जो इन पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी पूरा कर सके।
विटामिन-बी6 के लिठचिकन, अंडे, मछली, सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤š à¤à¤°à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे आलू, मटर, हरे केले, कॉरà¥à¤¨ का सेवन किया जा सकता है (9) (27)।
विटामिन-बी12 के लिठमीट, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ व सिरियलà¥à¤¸ आदि का सेवन किया जा सकता है (9)।
विटामिन-ठके लिठअंडे, डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ व हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ का सेवन किया जा सकता है (9)।
विटामिन-सी के लिठसाइटà¥à¤°à¤¸ फल, लाल और पीली बेल पेपà¥à¤ªà¤°, टमाटर व बà¥à¤°à¥‹à¤•ली का सेवन किया जा सकता है (28)।
विटामिन-ई के लिठवेजिटेबल ऑयल जैसे सूरजमà¥à¤–ी, सोयाबीन, कॉरà¥à¤¨ का तेल, बादाम, मूंगफली, हेज़लनट, पालक व बà¥à¤°à¥‹à¤•ली का सेवन किया जा सकता है (29)।
विटामिन-डी के लिठमछली, अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ व दूध का सेवन किया जा सकता है (9)।
गाजर के साथ आप फोलेट से समृदà¥à¤§ अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ खा सकते हैं, जैसे चिकन, अंडे, मशरूम, साबà¥à¤¤ अनाज व बीनà¥à¤¸ आदि (30)।
यह जानने के साथ कि सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤, यह à¤à¥€ जानना जरूरी है कि कà¥à¤¯à¤¾ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ इस बारे में जानिये लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में।
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